ज्योतिषाचार्य श्री रत्नेश राठी
ज्योतिष, वास्तु एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन के माध्यम से जीवन को सही दिशा देने का एक सतत प्रयास।
“ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला एक दिव्य मार्गदर्शन है।”
मेरी ज्योतिष यात्रा
स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और अनेक उपचारों के बाद भी संतोषजनक परिणाम प्राप्त न होने के कारण जीवन में गहरे प्रश्न उत्पन्न हुए।
स्वयं ज्योतिष विद्या सीखने का संकल्प लिया और ज्योतिष का अध्ययन प्रारम्भ किया।
निरंतर अध्ययन, साधना और ज्योतिषीय सिद्धांतों के गहन अभ्यास में समय समर्पित किया।
लगभग 14 वर्षों से ज्योतिष एवं वास्तु के क्षेत्र में कार्यरत रहते हुए निरंतर अध्ययन और लोगों का मार्गदर्शन।
“मैं, ज्योतिषाचार्य श्री रत्नेश राठी, पिछले लगभग 14 वर्षों से ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्र के क्षेत्र में कार्यरत हूँ। मैंने 19 वर्ष की आयु से ज्योतिष का अध्ययन प्रारम्भ किया। इसके पीछे का मुख्य कारण मेरे जीवन में 17–18 वर्ष की आयु में उत्पन्न हुई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ थीं। अनेक उपचार और विभिन्न ज्योतिषाचार्यों से परामर्श लेने के पश्चात भी जब संतोषजनक परिणाम प्राप्त नहीं हुए, तब मैंने स्वयं इस दिव्य विद्या को सीखने का संकल्प लिया।”
परंपरा से प्राप्त दिव्य ज्ञान
“मेरे पूज्य दादाजी एक विद्वान एवं अनुभवी ज्योतिषाचार्य थे। उनके देहावसान के पश्चात मैंने उनकी परंपरा और इस प्राचीन ज्ञान को आगे बढ़ाने का निश्चय किया। 19 वर्ष की आयु से लेकर 21 वर्ष की आयु तक मैंने निरंतर अध्ययन और साधना के माध्यम से ज्योतिष विद्या का गहन अभ्यास किया और आज भी मेरा अध्ययन निरंतर जारी है।”
यह ज्ञान मेरे लिए केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि अपने पूज्य दादाजी की परंपरा और प्राचीन ज्योतिषीय विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प है।
शिक्षा एवं ज्योतिषीय अध्ययन
श्री ओंकारेश्वर ज्योतिष एवं वास्तु विश्वविद्यालय से ज्योतिष शास्त्री
“मैंने श्री ओंकारेश्वर ज्योतिष एवं वास्तु विश्वविद्यालय से ज्योतिष शास्त्री की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त मैंने ज्योतिष, वास्तु, हस्तरेखा, रत्न विज्ञान और अंक ज्योतिष के अनेक महत्वपूर्ण विषयों का विस्तृत अध्ययन किया है।”
मेरे अध्ययन एवं विशेषज्ञता के क्षेत्र
वैदिक ज्योतिष
जन्मकुंडली, ग्रह, भाव, दशा, गोचर और जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं का अध्ययन।
के.पी. ज्योतिष
KP पद्धति के माध्यम से सूक्ष्म एवं प्रश्न-केंद्रित ज्योतिषीय विश्लेषण।
हनुमान ज्योतिष
प्राचीन ज्योतिषीय परंपरा और आध्यात्मिक संकेतों का अध्ययन।
वास्तु शास्त्र
घर, कार्यालय, व्यवसाय और भूमि से संबंधित ऊर्जा एवं दिशा का विश्लेषण।
हस्तरेखा विज्ञान — Palmistry
हाथ की रेखाओं, पर्वतों और संकेतों के माध्यम से व्यक्तित्व एवं जीवन प्रवृत्तियों का अध्ययन।
रत्न विज्ञान — Gemology
ग्रहों और जन्मकुंडली के अनुसार उचित रत्न का अध्ययन एवं मार्गदर्शन।
अंक ज्योतिष — Numerology
मूलांक, भाग्यांक, नाम और जीवन से संबंधित अंकीय प्रभावों का अध्ययन।
आध्यात्मिक साधना एवं गुरुकृपा
“आध्यात्मिक साधना मेरे जीवन का महत्वपूर्ण अंग रही है। मैंने भगवान श्री भैरवनाथ जी की साधना, श्री हनुमान जी की उपासना एवं साधना का भी निरंतर अभ्यास किया है। इन्हीं आध्यात्मिक अनुभवों और गुरुकृपा के माध्यम से मुझे ज्योतिष के सूक्ष्म पक्षों को समझने का अवसर प्राप्त हुआ।”
“भगवान शिव की कृपा, गुरुजनों के आशीर्वाद तथा श्री भैरवनाथ एवं श्री हनुमान जी की अनुकम्पा से मैं इस दिव्य ज्योतिषीय ज्ञान का प्रसार कर रहा हूँ।”
भगवान शिव की कृपा
गुरुजनों का आशीर्वाद
श्री भैरवनाथ एवं श्री हनुमान जी की अनुकम्पा
मेरा उद्देश्य
“मेरा उद्देश्य इस दिव्य ज्योतिषीय ज्ञान के माध्यम से लोगों को जीवन की समस्याओं के संबंध में सही मार्गदर्शन प्रदान करना है, ताकि उनके जीवन में सुख, शांति, संतुलन और सकारात्मक परिवर्तन आ सके।”
सही दिशा
मानसिक शांति
सकारात्मक परिवर्तन
आध्यात्मिक उन्नति
मेरा विश्वास है कि ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला एक दिव्य मार्गदर्शन है।
अनुभव एवं विश्वास
क्या आप अपने जीवन के महत्वपूर्ण प्रश्नों के लिए सही मार्गदर्शन चाहते हैं?
“ज्योतिष, वास्तु, हस्तरेखा, अंग ज्योतिष एवं व्यक्तिगत उपायों के लिए ज्योतिषाचार्य श्री रत्नेश राठी जी से परामर्श प्राप्त करें।”
जय श्री भैरवनाथ
गुरुकृपा एवं आशीर्वाद सहित