27 नक्षत्र, 12 राशियाँ एवं नवग्रह
27 नक्षत्र, राशियाँ और नवग्रह

🌺 जय श्री भैरव नाथ 🌺

ज्योतिष में 27 नक्षत्र, 12 राशियाँ एवं नवग्रह का महत्व

Importance of 27 Nakshatras, 12 Zodiac Signs and Navagrahas

वैदिक ज्योतिष का आधार 27 नक्षत्र, 12 राशियाँ और 9 नवग्रह हैं। इन तीनों के समन्वय से जन्मकुंडली का सूक्ष्म विश्लेषण किया जाता है।

Vedic astrology is based on 27 Nakshatras, 12 zodiac signs and 9 Navagrahas. Their combined study enables detailed birth-chart analysis.

12

12 राशियाँ

12 राशियाँ मिलकर 360° का राशि चक्र बनाती हैं। प्रत्येक राशि 30° की होती है।

27

27 नक्षत्र

एक नक्षत्र 13°20′ का होता है और उसके चार चरण होते हैं। प्रत्येक चरण 3°20′ का होता है।

9

नवग्रह

सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु जीवन के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं।

27 नक्षत्र और उनका महत्व

क्र.नक्षत्रस्वामी ग्रहमहत्व
1अश्विनीकेतुचिकित्सा, आरंभ, ऊर्जा
2भरणीशुक्रधारण शक्ति, जिम्मेदारी
3कृत्तिकासूर्यतेज, शक्ति, शुद्धिकरण
4रोहिणीचंद्रसौंदर्य, समृद्धि, आकर्षण
5मृगशिरामंगलखोज, जिज्ञासा, भ्रमण
6आर्द्राराहुपरिवर्तन, शोध, गहराई
7पुनर्वसुगुरुपुनर्जन्म, आशा
8पुष्यशनिपोषण, धर्म, आध्यात्मिकता
9आश्लेषाबुधगहन ज्ञान, रहस्य
10मघाकेतुपितृ कृपा, राजसी प्रभाव
11पूर्वाफाल्गुनीशुक्रआराम, प्रेम, रचनात्मकता
12उत्तराफाल्गुनीसूर्यमित्रता, दायित्व, स्थिरता
13हस्तचंद्रकौशल, हस्तकला, सिद्धि
14चित्रामंगलसौंदर्य, निर्माण, योजना
15स्वातीराहुस्वतंत्रता, व्यापार
16विशाखागुरुलक्ष्य प्राप्ति, महत्वाकांक्षा
17अनुराधाशनिभक्ति, मित्रता, संगठन
18ज्येष्ठाबुधनेतृत्व, सुरक्षा, सम्मान
19मूलकेतुमूल कारण, त्याग, शोध
20पूर्वाषाढ़ाशुक्रअपराजेयता, उत्साह
21उत्तराषाढ़ासूर्यविजय, स्थिरता
22श्रवणचंद्रज्ञान, सीखना
23धनिष्ठामंगलसंगीत, समृद्धि, प्रसिद्धि
24शतभिषाराहुचिकित्सा, रहस्य, सुरक्षा
25पूर्वाभाद्रपदगुरुतपस्या, आध्यात्मिक ज्ञान
26उत्तराभाद्रपदशनिगहराई, धैर्य
27रेवतीबुधसमृद्धि, यात्रा, संरक्षण

12 राशियाँ

मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन।

मेष
वृषभ
मिथुन
कर्क
सिंह
कन्या
तुला
वृश्चिक
धनु
मकर
कुंभ
मीन

नक्षत्र के चार चरण

प्रत्येक नक्षत्र 13°20′ का होता है। इसे चार बराबर भागों में बाँटा जाता है। प्रत्येक चरण 3°20′ का होता है।

पाद 1
3°20′
पाद 2
3°20′
पाद 3
3°20′
पाद 4
3°20′

नवग्रह और उनका महत्व

सूर्य

आत्मा, पिता, नेतृत्व, तेज और आत्मविश्वास

चंद्र

मन, माता, भावनाएँ और शांति

मंगल

ऊर्जा, साहस, भूमि और पराक्रम

बुध

बुद्धि, वाणी, व्यापार और संचार

गुरु

ज्ञान, धर्म, संतान और समृद्धि

शुक्र

प्रेम, सौंदर्य, कला और विवाह

शनि

कर्म, अनुशासन, न्याय और धैर्य

राहु

माया, विदेश, तकनीक और महत्वाकांक्षा

केतु

मोक्ष, वैराग्य, अध्यात्म और शोध

ग्रहों की गति और गोचर

  • • सूर्य लगभग एक माह में एक राशि का भ्रमण करता है।
  • • चंद्रमा लगभग ढाई दिन में एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है।
  • • अन्य ग्रह अपने स्वभाव एवं गति के अनुसार अलग-अलग समय में राशियाँ परिवर्तित करते हैं।
  • • नक्षत्र व्यक्ति के स्वभाव, कर्म, प्रतिभा, मानसिक प्रवृत्ति और जीवन की दिशा का संकेत देते हैं।

ज्योतिष विज्ञान हमें स्वयं को समझने, सही निर्णय लेने और जीवन को श्रेष्ठ बनाने की दिशा दिखाता है।

ज्योतिषाचार्य श्री रत्नेश राठी

Rathi Gems and Jewellers

📍 172, भवानी रोड, तंबोली मोहल्ला, सनावद, जिला खरगोन – 451111

📧 Ratneshrathi19@gmail.com
📞 7509877904
📞 7987930887
📞 9713290555

GSTIN: 23CAGPR3226P

ज्योतिष, वास्तु, अंक ज्योतिष, हस्तरेखा एवं व्यक्तिगत मार्गदर्शन के लिए आज ही संपर्क करें।

Contact us today for astrology, Vastu, numerology, palmistry and personal guidance.

📞 अभी संपर्क करें 📞 Contact Now
Scroll to Top